मध्य प्रदेश /राजगढ़ में सीएए के समर्थन में निकलने वाली रैली पर लाठी चार्ज कलेक्टर ने की हाथापाई
राजगढ़ : सीएए के समर्थन में रैली निकाल रहे समर्थकों पर लाठी चार्ज, JNU से शिक्षित कलेक्टर ने की हाथापाई







 


R.m.sa..




भोपाल/राजगढ़। मध्यप्रदेश सरकार संसद में पारित नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में अब नौकरशाही को अपनी ढाल बना रही है। रविवार को राजगढ़ जिले के ब्यावरा में ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा यात्रा निकाल रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की आवाज को दबाने के लिए पुलिस ने न सिर्फ लाठियां भांजी, बल्कि एक कदम आगे बढक़र जिले की कलेक्टर और एसडीएम ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई की। नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में तिरंगा यात्रा को रोकने के लिए प्रशासन ने यहां धारा-144 लागू कर दी। लेकिन जब कार्यकर्ता नहीं माने तो उन पर लाठियां भांजी गईं। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है लेकिन राजगढ़ की कलेक्टर निधि निवेदिता ने तो हद ही कर दी। धारा 144 लागू होने के कारण भाजपा कार्यकर्ताओं को जब प्रदर्शन करने से रोका जा रहा था तभी कलेक्टर की कार्यकर्ताओं से तीखी बहस हो गई और उन्होंने एक भाजपा नेता को थप्पड़ जड़ दिया। कलेक्टर की इस हरकत ने विवाद को और बढ़ा दिया। इस घटना से भडक़े भाजपा कार्यकर्ताओं ने जब विरोध और तेज किया तो पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया जिसमें दो कार्यकर्ता घायल हो गए। इस घटना ने जहां प्रदेश में बेलगाम नौकरशाही पर सवाल उठा दिए हैं वहीं कमलनाथ सरकार पर भी उंगलियां उठ रही हैं। नौकरशाही की आड़ में भाजपा कार्यकर्ताओं पर दमन की इस घटना ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। प्रदर्शन के दौरान एसडीएम प्रिया वर्मा भी अफसरी ठसक में दिखीं, वे वीडियो में एक प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते हुए नजर आ रही हैं।


 


जेएनयू से शिक्षित हैं निधि निवेदिता!


प्रशासन का दायित्व निष्पक्ष तौर पर कार्य करना है लेकिन राजगढ़ कलेक्टर निधि निवेदिता अब भी जेएनयू की मानसिकता से बाहर नहीं आई हैं। अर्बन नक्सल और वामपंथियों के गढ़ जेएनयू की पढ़ीं निधि निवेदिता ने नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं से हाथापाई कर और उन पर लाठियां बरसा कर एक बार फिर जेएनयू की मानसिकता का परिचय दे दिया। राजगढ़ में इस बात की चर्चा है कि राजगढ़ की कलेक्टर जेएनयू से पढ़ी है और प्रदेश सरकार के मंत्री जयवर्धन सिंह की पत्नी के साथ पढ़ी हैं। निधि निवेदिता भारत सरकार की सेवा शर्तों के तहत काम कर रही हैं और उनका दायित्व है कि वह भारत सरकार के हर फैसले का पालन कराएं लेकिन नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ उनकी मानसिकता इसी से स्पष्ट हो जाती है कि तिरंगा यात्रा में लोग शामिल न हों, इसके लिए उन्होंने सुबह से ही बाजार बंद करा दिए। इतना ही नहीं यात्रा में लोगों को शामिल होने से रोकने के लिए उन्होंने राजगढ़ पहुंचने वाले सडक़ मार्गों पर नाकेबंदी भी करा दी थी। चूंकि इस रैली में राजगढ़ जिले से कार्यकर्ताओं को भाग लेना था इसलिए 37 स्थानों पर नाकाबंदी कर उन्होंने कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की।


 


थप्पड़ मारने का किसने दिया आदेश : शिवराज


भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व मु यमंत्री शिवराज सिंह ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, आज का दिन लोकतंत्र के सबसे काले दिनों में गिना जाएगा। आज राजगढ़ में एसडीएम साहिबा ने जिस बेशर्मी से सीएए के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को लताड़ा, घसीटा और चांटे मारे, उसकी निंदा मैं शब्दों में नहीं कर सकता। क्या उन्हें प्रदर्शनकारियों को पीटने का आदेश मिला था?


 


सरकार की शह पर गुंडागर्दी पर उतरे अधिकारी: भार्गव


नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि ब्यावरा में अधिकारियों ने कानून हाथ मे लेकर लोकत्रांतिक तरीके से रैली निकाल रहे भाजपा कार्यकर्ताओ ओर जनता को बेरहमी से पीटा है। इससे लगता है कि सरकारी कर्मचारी सेवक नहीं बल्कि सरकार के गुलाम होकर काम कर रहे है। जिस जनता की गाढ़ी कमाई से जिन अधिकारियों को वेतन मिलता है, वही अधिकारी अब जनता को मारने पर तुले है। अधिकारी सरकार के इशारे पर जिस तरीके से गुंडागर्दी करने पर उतर आए है, इसका परिणाम उन्हें भुगतना होगा। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में प्रदेश की जनता अलग-अलग जिलों में समर्थन रैलियां आयोजित कर रही है।