मुख्यमंत्री ने दिये योजना के निर्देशग्रामीणों को उनके भु-खण्ड पर मिलेगा मालिकाना हक

*ग्रामीण आबादी सर्वेक्षण योजना


ग्रामीणों को उनके भ-खण्ड पर मिलेगा मालिकाना हक


मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दिये योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश' 


भूमि के सर्वे का कार्य तीन चरणों में किया जाएगा।


प्रदेश में ग्रामीण बसाहट का सर्वे कर अधिकार अभिलेख तैयार कर ग्रामीण जनता को उनके भू-खण्ड पर मालिकाना हक प्रदान किया जाएगा। ग्रामीणों के हित में योजना के तहत तैयार किये गये डाटाबेस से पंचायत स्तर पर सम्पत्ति रजिस्टर भी तैयार किये जायेंगे। ग्रामीणों को यह सौगात प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 24 अप्रैल को की गई 'ग्रामीण आबादी सर्वेक्षण योजना की घोषणा के तहत प्राप्त होगी। भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास और राजस्व विभाग के माध्यम से यह कार्य किया जाएगा।


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण आबादी सर्वेक्षण योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिये हैं। भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा आगामी जून माह के प्रथम सप्ताह में हरदा एवं डिंडोरी जिले के कुछ गाँव में कार्य प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है। इस संबंध में जिला कलेक्टर्स को दिशा-निर्देश जारी किये जा चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भोपाल में कहा कि योजना के तहत प्रथम वर्ष में प्रदेश के 10 पॉयलेट जिलों का चयन किया गया है, शेष 43 जिलों का सर्वे दवितीय एवं तृतीय वर्ष में क्रमबद्ध किया जाएगा। प्रथम चरण में शामिल 10 जिलों मुरैना, श्योपुर, सागर, शहडोल, खरगौन, विदिशा, भोपाल, सीहोर, हरदा और डिंडोरी जिले के 10 हजार 553 राजस्व गाँव शामिल किये गये हैइन सभी राजस्व गाँवों में आबादी भूमि के सर्वे का कार्य तीन चरणों में किया जाएगा।