केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाक को चेताया गलती दोहराई तो खंड खंड कर देंगे


राजनाथ ने पाक को चेताया: 1965 और 71 की गलती दोहराई तो कर देंगे खंड-खंड












केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आर्टिकल 370 को कैंसर बताया। बिहार की राजधानी पटना में आर्टिकल 370 पर संबोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370 ऐसा कैंसर था जिसने कश्मीर का बहुत खून बहाया है। राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को चेताया है कि अगर उसे बात करनी है तो आतंकवाद खत्म करे। राजनाथ सिंह ने कहा कि अब पाकिस्तान से बात होगी भी तो कश्मीर पर नही, बल्कि पीओके पर बात होगी। उन्होंने चेताया कि पाकिस्तान 1965 और 1971 की गलती न दोहराए वरना खंड-खंड हो जाएगा। 


राजनाथ सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर की तीन चौथाई जनता अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किये जाने के पक्ष में थी। उन्होंने कहा कि देखते हैं कि पाकिस्तान कितने आतंकवादी भेज सकता है, कोई लौट कर नहीं जा सकेगा। 


पटना में भाजपा की 'जन जागरण सभा में राजनाथ ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आशा करते हैं कि पाकिस्तान 1965 और 1971 की गलतियां नहीं दोहराएगा, उनके साथ बातचीत सिर्फ पीओके पर होगी। अनुच्छेद 370 पर भाजपा ने अपना रुख कभी नरम नहीं किया, उसको निरस्त किया जाना साबित करता है कि पार्टी ईमानदार और विश्वसनीय है। उन्होंने स्प्ष्ट शब्दों में कहा कि एक देश के आतंकवादी को दूसरे देश में स्वतंत्रता सेनानी नहीं माना जा सकता। 




 



रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आर्टिकल 370 को हटाना एक सपका सपना था। लोग कहते हैं कि उन्होंने इसका सपना देखा था, मगर यह कभी हकीकत नहीं हो पाया। लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी ने इसे करके दिखाया। पीएम मोदी ने दिखाया कि हम भी सपने देखते हैं, मगर खुली आखों से। इसलिए हमारा सपना हकीकत में बदल पाया। 


राजनाथ सिंह ने कहा कि कश्मीर में आतंकवाद के पनपने की बड़ी वजह आर्टिकल 370 और आर्टिकल 35 ए था। इस आतंकवाद ने कश्मीर को लहूलुहान कर दिया। अब देखते हैं पाकिस्तान में कितनी हिम्मत है। कितने आतंकवादी अब वह पैदा करता 


उन्होंने आगे कहा कि आप देख सकते हैं कि वे पहले से ही हतोत्साहित हो रहे हैं। पाक पीएम PoK में आते हैं और कहते हैं कि 'देशवासी भारत-पाक सीमा पर नहीं जाते'। मैं कहता हूं कि यह अच्छा है क्योंकि अगर वे ऐसा करते हैं, तो वे पाकिस्तान वापस नहीं जा पाएंगे। उन्हें 1965 और 1971 को दोहराने की गलती नहीं करनी चाहिए।